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800 साल पुराना काकतीय इंजीनियरिंग का चमत्कार: लखनावरम झील बनी तेलंगाना का 'मिनी मालदीव'

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800 साल पुराना काकतीय इंजीनियरिंग का चमत्कार: लखनावरम झील आज भी है पर्यटन और सिंचाई का आधार

 
मुलुगु (तेलंगाना)। तेलंगाना के मुलुगु जिले के गोविंदरावपेट मंडल में स्थित लखनावरम झील इतिहास, प्रकृति और प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। लगभग 800 वर्ष से अधिक पुरानी यह मानव निर्मित झील आज भी अपनी खूबसूरती और उपयोगिता के कारण देशभर के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

 इतिहासकारों के अनुसार, लखनावरम झील का निर्माण 13वीं शताब्दी में काकतीय राजवंश के महान शासक राजा गणपति देव के शासनकाल में लगभग वर्ष 1213 ईस्वी में कराया गया था। उस समय काकतीय इंजीनियरों ने प्राकृतिक पहाड़ियों और घाटियों का सूक्ष्म अध्ययन कर तीन छोटे बांधों का निर्माण किया, जिससे वर्षा जल को संरक्षित किया जा सके। यह जल प्रबंधन प्रणाली आज भी काकतीय साम्राज्य की दूरदर्शिता और तकनीकी दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।

करीब 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में फैली यह विशाल झील आज भी लगभग 3,500 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई का प्रमुख स्रोत बनी हुई है। सदियों बाद भी इसकी उपयोगिता बरकरार है, जो प्राचीन भारतीय जल संरक्षण तकनीकों की सफलता को दर्शाती है।

लखनावरम झील की सबसे अनोखी पहचान इसके बीच स्थित 13 छोटे-छोटे द्वीप हैं। इन द्वीपों को मुख्य तट से जोड़ने के लिए बनाया गया लगभग 160 मीटर लंबा सस्पेंशन ब्रिज पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। पुल पर चलते हुए चारों ओर फैला नीला जल, हरे-भरे जंगल और पहाड़ियों का मनमोहक दृश्य किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता।

घने वनों और प्राकृतिक सुंदरता से घिरी यह झील आज "तेलंगाना का मिनी मालदीव" के नाम से भी प्रसिद्ध हो चुकी है। यहां का शांत वातावरण, स्वच्छ हवा और मनोहारी दृश्य पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाते हैं।

राजधानी Hyderabad से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित यह पर्यटन स्थल कम खर्च में शानदार अनुभव प्रदान करता है। यहां प्रवेश शुल्क भी बेहद सामान्य है, जिससे बड़ी संख्या में पर्यटक हर वर्ष यहां पहुंचते हैं।

लखनावरम झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन जल प्रबंधन प्रणाली और काकतीय इंजीनियरिंग कौशल की जीवंत मिसाल है। यह झील आज भी सिंचाई, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

रिपोर्ट : रमाशंकर श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता (छत्तीसगढ़)

कैमरामैन : विष्णु भास्कर

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