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MP में किसानों के लिए राहत भरी खबर: बिना फार्मर आईडी के भी मिलेगी खाद, SDM को 24 घंटे में देना होगा अप्रूवल
मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला: खाद वितरण प्रणाली में हुआ बड़ा बदलाव, भारतीय किसान संघ की मांग पर नियमों में संशोधन।
मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद की किल्लत से बचाने के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के किसानों को यूरिया, डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) जैसी जरूरी खाद लेने के लिए 'फार्मर आईडी' की अनिवार्यता से परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार ने इस नियम को शिथिल करते हुए पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है।
ई-विकास पोर्टल से मिलेगी तुरंत मंजूरी
नए नियमों के मुताबिक, जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है, वे सरकार के 'ई-विकास पोर्टल' पर जाकर सीधा आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर किया गया यह आवेदन सीधे संबंधित क्षेत्र के एसडीएम (SDM) को फॉरवर्ड हो जाएगा। प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस डिजिटल आवेदन पर 24 घंटे के भीतर एक्शन लेकर मंजूरी दी जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
अब 24 घंटे खुलेगी टोकन विंडो
इसके साथ ही, सरकार ने खाद वितरण के लिए टोकन व्यवस्था में भी बड़ा सुधार किया है। पहले खाद के टोकन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक ही बनते थे, जिससे सेंटर्स पर भारी भीड़ उमड़ती थी। भारतीय किसान संघ के सुझाव और मांग को स्वीकार करते हुए कृषि विभाग ने नियमों में विधिक (कानूनी) संशोधन किया है। अब टोकन काउंटर 24 घंटे खुले रहेंगे, यानी किसान किसी भी समय अपना टोकन जनरेट करवा सकेंगे।
सरकार के इस कदम से न सिर्फ खाद की कालाबाजारी पर रोक लगेगी, बल्कि कतारों में खड़े रहने वाले किसानों को भी बड़ी मानसिक और शारीरिक राहत मिलेगी।
