नए CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने संभाली कमान, बताया- भविष्य में थिएटराइजेशन और स्वदेशी हथियारों पर रहेगा पूरा फोकस
नई दिल्ली:
भारत के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने आधिकारिक तौर पर देश के सर्वोच्च सैन्य पद का कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों (थलसेना, नौसेना और वायुसेना) के भविष्य का रोडमैप देश के सामने रखा।
नए सीडीएस ने साफ किया कि आने वाले समय में भारतीय सेना को पूरी तरह आधुनिक, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।पूर्व कमांडरों को दी श्रद्धांजलि, देश की सुरक्षा का दिलाया भरोसा
अपने संबोधन की शुरुआत में जनरल सुब्रमणि ने देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान के कार्यकाल और उनके कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। नए सीडीएस ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा, "हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। देश की सेनाएं हमेशा की तरह साहस, सम्मान और पूरी व्यावसायिकता के साथ राष्ट्र की सेवा करती रहेंगी।"
'थिएटराइजेशन' और सेनाओं का आपसी तालमेल है भविष्य का आधार
नए सीडीएस ने भारतीय सैन्य ढांचे में बड़े सुधारों के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेना के आधुनिकीकरण के लिए तीनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल (Jointness) और 'थिएटराइजेशन' की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। विचार और कार्य प्रणाली में नए इनोवेशंस (नवाचार) के जरिए सैन्य क्षमताओं को और अधिक धार दी जाएगी।
इन 5 बड़े मुद्दों पर रहेगा नए CDS का सबसे ज्यादा फोकस:
- आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण: सेना को विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करके स्वदेशी रक्षा प्रणालियों और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना।
- स्टार्टअप और रिसर्च को बढ़ावा: सैन्य आधुनिकीकरण के लिए उद्योग जगत, शिक्षा क्षेत्र, स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थाओं के साथ मिलकर काम करना।
- जवानों की ट्रेनिंग और वेलफेयर: सैन्य अधिकारियों और जवानों की ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) के स्तर को सुधारना और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
- पूर्व सैनिकों का सम्मान: देश के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के लिए लगातार काम करते रहना।
- टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: युद्ध की नई तकनीकों को सेना में शामिल करना ताकि आने वाली चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया जा सके।
आपको बता दें कि जनरल सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने लगभग तीन साल और आठ महीने तक देश के दूसरे सीडीएस के रूप में अपनी सेवाएं दीं और तीनों सेनाओं के समन्वय को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
